धनबाद कोयलांचल में रावण राज कायम हो गया है। अपराधी बेलगाम हो गये है और पुलिस प्रशासन रूटीन कार्य करने में मशगूल हैं। पुलिस का भय अगर है तो बस उन लोगों मे जो सड़क पर वाहन लेकर चल रहे हैं। नो पार्किंग, नो इंट्री, हेलमेट, सीट बेल्ट, प्रदूषण इन्स्योरेंश  और न जाने कैसे-कैसे कानून लेकर खाकी वर्दी वाले घूम रहे है और चालान का भय दिखाकर अपनी जेब गर्म करने में लगे हैं। दूसरी और शहर की हालत यह है कि आये दिन लूट, गोलीबारी, हत्या जैसी घटनाऐ हो रही है। अभी पिछले दिनों एक व्यवसायी के घर के बाहर अहले सुबह खुलेआम गोलीबारी की गई इतना ही नहीं अपराधियों के हौसले इतने बुलंद है कि सोशल मीडिया पर प्रकट होकर खुलेआम अपराध स्वीकार करते हैं और बदस्तूर धमकियां दे रहे हैं। एक व्यवसायी के कोल प्लांट में धावा बोलकर लाखों की संपत्ति लूट ली जाती है और प्रशासन मौन रहता है इतना ही नही हाल ही में जमीन करोबारी अजय पासवान की हत्या कर दी गई और जाँच का नतीजा शून्य रहा।
इसके तुरंत बाद शहबाज सिद्दिकी उर्फ बबलू नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई विरोध में जनता सड़क पर उतरी, हंगामा किया लेकिन हुआ क्या प्रशासन ने लंबे-चौड़े आश्वासन देकर हंगामा शांत करवाया और फिर खुद शांत होकर बैठ गया। शहर में अपराधियों के बुलंद हौसले को देखते हुए हाल ही में समाजसेवी विजय झा ने गांधी सेवा सदन के समक्ष सत्याग्रह किया लेकिन नतीजा शून्य रहा। हकीकत यह है कि इन अपराधियों पर नकेल डालने और प्रशासन की उनकी चिरनिद्रा से जगाने के लिए सत्याग्रह जैसे अंदोलन की जरूरत नहीं है बल्कि जरूरत है एक ऐसे जनांदोलन  की जो प्रशासन की चूलें हिला डाले तब  जाकर इन्हें अपने कर्तव्यों की याद आयेगी और जिले में अपराधियों के कारनामें कुछ कम होंगे यदि शीघ्र ही ऐसा उपाय नहीं हुआ तो फिर शहर का भगवान ही मालिक है।

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