नगर निगम का मेयर पद की कुर्सी अब संभावित और पूर्व के प्रस्तावित प्रत्याशियों को मुंह चिढ़ाने लगी है। झारखण्ड प्रदेश के आका ने जब यह फरमान जारी किया कि यह कुर्सी सिर्फ एस टी उम्मीदवारों को दी जाएगी तो मानो पूरे जिले में मातम पसर गया। क्योंकि चुनाव होने की संभावित दृश्य को देखकर नेताओं ने कमर कस ली थी, जनसंपर्क शुरू हो गया था। कईयों ने तो कार्यालय भी खोल डाले थे। ऐसे में जब चुनाव टला तब भी झटका लगा था लेकिन उम्मीदें बरकरार थीं लेकिन अब! अब तो पूरा खुमार ही उतर गया ऐसा लगता है। पर्दे के पीछे की खबर यह बयान करती है कि कुछ ऐसे धूर्त्त और राजनीति के घुटे हुए खिलाड़ी भी है जिन्होंने इस फरमान की काट भी खोज ली है। ऐसे नेता अपने माॅडल उम्मीदवार तलाश कर रहे जो एस टी के दायरे में आता हो और उनके लिए समर्पित हो। इस प्रकार कांगेस के इक्का यानि कि मनमोहन सिंह की तलाश पूरे जिले में जोर-शोर से कर रहे हैं जिसके हाथ में होगा इक्का उसके लिए मेयर की कुर्सी पक्का ।
