
उर्फी जावेद के लिए अब अपने घर में वीडियो बनाना भी मुश्किल हो गया है। कम से कम उनका आरोप तो यही है। मुंबई में जिस हाउसिंग सोसायटी में उर्फी रहती हैं, वहां की कमेटी ने कथित तौर पर उनके घर में सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने पर रोक लगा दी है। उर्फी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसकी शिकायत करते हुए सवाल किया कि अपने ही फ्लैट में रील बनाने से किसी को कैसे रोका जा सकता है?
27 अक्टूबर को साझा की गई अपनी स्टोरी में उर्फी ने लिखा कि सोसायटी की कमेटी ने उन्हें परेशान करने के लिए नया नियम निकाला है और अब वह अपने घर में कोई कंटेंट शूट नहीं कर सकतीं। उनके मुताबिक, कमेटी का तर्क है कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालने से उनकी लोकप्रियता बढ़ती है, इसलिए इसे व्यावसायिक गतिविधि माना जाना चाहिए।
उर्फी को यही बात खटक रही है। उनका कहना है कि वीडियो बनाने के लिए उन्हें अपने घर में भी पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एक नोटिस की तस्वीर साझा करते हुए भी नाराजगी जताई और सवाल किया कि क्या अपने ही फ्लैट में रील बनाना गैरकानूनी है?
लेकिन मामला सिर्फ वीडियो बनाने पर लगी रोक का नहीं है। उर्फी ने आरोप लगाया है कि उनके घर आने वाले लोगों को भी परेशान किया जा रहा है। अगर किसी के पास कैमरा या शूटिंग का सामान होने का शक होता है, तो उसे सोसायटी में प्रवेश देने से रोका जाता है। उन्होंने मेहमानों के बैग की तलाशी लिए जाने की बात भी कही है।
पुलिस तक पहुंचा था मेहमानों की आवाजाही का मामला
उर्फी और सोसायटी के बीच विवाद की शुरुआत कुछ समय पहले मेहमानों के आने-जाने पर लगाई गई पाबंदियों से हुई थी। सितंबर में उर्फी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर शिकायत की थी कि रात 10 बजे के बाद सोसायटी में मेहमानों को आने नहीं दिया जा रहा। इंटरव्यू या शूटिंग के लिए आने वाले लोगों को भी कथित तौर पर तभी प्रवेश मिलता था, जब फ्लैट मालिक पहले ईमेल करके इसकी अनुमति देता।
उर्फी ने उस समय कहा था कि उनके घर काम के सिलसिले में आने वाले लोगों को भी प्रवेश द्वार पर रोक दिया गया। उन्होंने मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका को टैग करके सवाल किया था कि किसी को अपने घर पर मेहमान बुलाने से कैसे रोका जा सकता है।
27 अक्टूबर को सामने आई शिकायत में उर्फी ने इस पुराने विवाद का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि पुलिस के पास जाने के बाद सोसायटी के कुछ सदस्य उनसे नाराज हो गए। उर्फी ने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके मकान मालिक से उन्हें घर से निकालने के लिए कहा था, लेकिन मकान मालिक ने ऐसा नहीं किया।
इसके बाद, उर्फी के मुताबिक, उन्हें परेशान करने के लिए दूसरे तरीके अपनाए जाने लगे। उन्होंने सोसायटी के कुछ पुरुष सदस्यों पर निशाना साधते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, मकान मालिक से घर खाली कराने के लिए कहे जाने और बदले की भावना से कार्रवाई करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोसायटी की कमेटी का विस्तृत पक्ष भी सामने नहीं आया है।
कैमरा लेकर आए मेहमानों को भी रोके जाने का आरोप
उर्फी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनकी सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारी के साथ बहस दिखाई देती है। उर्फी का दावा है कि यूट्यूब पर शूटिंग के लिए आए नॉयन दीप रक्षित और उनकी टीम को अंदर आने से रोका गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके स्टाफ के सामान की जांच भी की गई।
उनकी शिकायत है कि सोसायटी के लोग उन मेहमानों को लेकर भी सवाल उठाते हैं, जिनके पास कैमरा या शूटिंग से जुड़ा सामान होता है। उर्फी के मुताबिक, उनके घर आने वाले लोगों के बैग तक चेक किए जा रहे हैं।
इस पर उर्फी ने सवाल किया कि जब दूसरे लोग भी अपने घरों में वीडियो बनाते हैं, तो उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने घर में क्या करती हैं, यह उनका निजी मामला है।
उर्फी ने इस पूरे मामले को अपने खिलाफ की जा रही कार्रवाई बताया है। मगर उनके साझा किए गए वीडियो से विवाद की पूरी वजह सामने नहीं आती। सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारी को क्या निर्देश मिले थे, मेहमानों को रोकने के पीछे क्या कारण बताया गया और कमेटी ने शूटिंग पर रोक लगाने के लिए कौन-सा नियम बनाया है, इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं।
क्या घर के अंदर वीडियो बनाना व्यावसायिक काम है?
सोसायटी की कथित दलील को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि घर में होने वाली शूटिंग किस तरह की है। अगर कोई व्यक्ति अपने कमरे में बैठकर मोबाइल से वीडियो बनाता है, तो उसे किसी बड़े व्यावसायिक शूट के बराबर नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, अगर घर में लगातार बड़ी टीम आती है, भारी उपकरण लगाए जाते हैं या दूसरे निवासियों को शोर और आवाजाही से परेशानी होती है, तो सोसायटी के पास आपत्ति उठाने की वजह हो सकती है।
उर्फी के मामले में कमेटी की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया है कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालने से उनकी लोकप्रियता बढ़ती है, इसलिए शूटिंग व्यावसायिक गतिविधि है। लेकिन सिर्फ इंटरनेट पर वीडियो साझा करने से हर तरह की घरेलू शूटिंग अपने आप गैरकानूनी नहीं हो जाती।
किसी पाबंदी को सही या गलत ठहराने के लिए सोसायटी के लिखित नियमों, किराये के समझौते और लागू कानूनों को देखना होगा। अगर नियम में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक है, तो यह भी समझना पड़ेगा कि वह किन गतिविधियों पर लागू होता है और क्या घर में सामान्य तरीके से वीडियो बनाने पर रोक लगाने का स्पष्ट आधार मौजूद है।
उर्फी के मामले में इन बातों की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोसायटी का नियम निश्चित रूप से गैरकानूनी है। लेकिन जिस तरह की पाबंदी का उर्फी दावा कर रही हैं, उस पर सवाल उठना लाजिमी है।
उर्फी जावेद के काम से जुड़ा है पूरा विवाद

उर्फी अपने अलग पहनावे और बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। सोशल मीडिया उनके काम का अहम हिस्सा है। वीडियो और तस्वीरें साझा करने से ही वह अपने दर्शकों से जुड़ी रहती हैं। ऐसे में अगर उनके घर में शूटिंग पर रोक लगती है, तो इसका सीधा असर उनके काम पर पड़ सकता है।
हाल के दिनों में उर्फी रियलिटी शो स्प्लिट्सविला एक्स6 में भी नजर आई हैं, जहां उन्होंने सनी लियोनी, करण कुंद्रा और निया शर्मा के साथ काम किया। लेकिन इस बार चर्चा उनके किसी शो या पहनावे की वजह से नहीं, बल्कि घर में काम करने को लेकर सोसायटी से हुए विवाद के कारण है।
घर से काम करने वालों के लिए यह समस्या नई नहीं है कि आवासीय परिसर के नियम और उनके काम की जरूरतें कभी-कभी टकरा जाती हैं। फर्क इतना है कि उर्फी का काम कैमरे के सामने होता है और उनके घर आने वाले लोगों में शूटिंग से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ऐसे में सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था और उनके काम के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
लेकिन इसका हल यह नहीं हो सकता कि बिना स्पष्ट आधार के किसी निवासी के काम पर रोक लगा दी जाए। वहीं, किसी निवासी को भी सोसायटी के वैध नियमों की अनदेखी करने का अधिकार नहीं है। असली सवाल यह है कि नियम क्या हैं और उन्हें किस आधार पर लागू किया जा रहा है।
फिलहाल उर्फी ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत रख दी है। सितंबर में मेहमानों की आवाजाही को लेकर उठे विवाद के बाद अब घर के भीतर शूटिंग का मामला सामने आया है। सोसायटी की कमेटी की ओर से जवाब आने पर ही यह साफ होगा कि पाबंदी लगाने के पीछे उसकी दलील क्या है और उर्फी के आरोपों पर उसका क्या कहना है।
लेखक: वकार अहमद
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