सीसीटीवी बैन: चीनी कैमरों पर भारत का बड़ा hammer!

पाकिस्तान तक पहुंचा फुटेज? सरकार ने पॉपुलर चाइनीज ब्रांड्स पर लगाया ताला

भारत सरकार ने चीनी सीसीटीवी कंपनियों पर सख्ती का ऐलान कर दिया है। देशभर में लोकप्रिय चाइनीज ब्रांड्स के कैमरों पर बैन लगाने की तैयारी जोरों पर है। वजह? हालिया रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि इन कैमरों का सेंसिटिव फुटेज पाकिस्तानी एजेंसियों तक पहुंच रहा था। घर, ऑफिस या दुकान के लिए कैमरा लगवाने वाले करोड़ों लोग अब अलर्ट हो जाएं!

क्या हुआ विवादास्पद? फुटेज लीक के कई केस आए सामने

पिछले कुछ दिनों में देश में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। सूत्र के मुताबिक, कुछ सीसीटीवी कैमरों का डेटा सीधे चीन के सर्वर पर स्टोर हो रहा था, जो वहां से पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों तक शेयर हो जाता था। खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि की है कि निजी फुटेज, जिसमें घरों की अंदरूनी गतिविधियां शामिल हैं, विदेशी हाथों में जा रही थीं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में लगे हजारों कैमरे इसी खतरे का शिकार बने।

सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया। सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री (MeitY) ने चीनी कंपनियों जैसे हिकविजन, डाहुआ और CP प्लस जैसी फर्म्स को नोटिस जारी किए हैं। इन ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स अब बैन लिस्ट में शुमार हो सकते हैं।

क्या करें आम आदमी? ये टिप्स अपनाएं, बचें मुसीबत से

खरीदने से पहले चेक करें: केवल ‘मेड इन इंडिया’ या ट्रस्टेड इंडियन/अमेरिकन ब्रांड्स चुनें, जैसे बॉश, हनीवेल या लोलोक।

डेटा चेक: कैमरा ऐप डाउनलोड करने से पहले देखें कि सर्वर कहां है। क्लाउड सर्विसेज से बचें।

पुराना कैमरा: अगर घर में चाइनीज कैमरा लगा है, तो तुरंत हटवाएं या लोकल स्टोरेज पर शिफ्ट करें।

सरकारी अपडेट: PIB या MeitY वेबसाइट पर बैन लिस्ट चेक करते रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करेगा। एक सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने कहा, “चीनी कैमरे सस्ते हैं, लेकिन कीमत देश की सुरक्षा से कहीं ज्यादा चुकानी पड़ सकती है।”

सरकार का अगला कदम: बैन लिस्ट जल्द जारी

मिनिस्ट्री ने कहा कि अगले कुछ दिनों में फाइनल लिस्ट जारी होगी। तब तक सतर्क रहें। क्या आपके घर में भी चाइनीज कैमरा है?

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