देश में इन दिनों एक अजीब सा खेल चल रहा है। कुछ बड़े राजनीतिक दलों के नेता यात्रा-यात्रा
खेल रहे हैं। इन सभी यात्राओं की आखिरी मंजिल है दिल्ली स्थित पीएम की कुर्सी। हालांकि उस
कुर्सी पर आसीन नेता और उनके शुभचिंतक यात्रा कर रहे नेताओं की टांग खींचने में लगे है।
देखना यह है कि इन नेताओं की यात्रा सफल होती है या फिर……..
गौरतलब है कि सबसे पहले राहुल बाबा ने भारत जोड़ो यात्रा की शुरूआत की। इस यात्रा के
जरिए उन्होने देश को जोड़ने का काम कम और सत्तासीन नेताओं की धोती खोलने का काम ज्यादा
किया। वाद-विवादों से लबरेज यह यात्रा अब अंतिम चरण में है।
इस यात्रा से कई कुर्सी-लोलुप नेताओं को प्रेरणा मिली और आनन-फानन में बिहार के आका
नितीश भाई ने भी एक यात्रा का ऐलान कर दिया उनकी यह “समाधान यात्रा” शीघ्र ही शुरू
होगी। इतना ही नहीं इस यात्रा के बाद भारत यात्रा के जरिए दिल्ली के सफर पर भी निकलने का
ऐलान कर दिया है नितीश भाई ने।
अब देखना यह है कि इन तमाम यात्राओं का हश्र क्या होने वाला है।










