




धनबाद कोयलांचल में इन दिनों अपराध का ग्राफ सबसे उपर है या यूं कहें कि अपराधियों के हौसले काफी बुलंद है। जिला प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम गोलीबारी हो रही है व्यवसाइयों को धमका कर रंगदारी मांगी जा रही है। हत्या, लूट, मारपीट, बमबाजी जैसे अपराधों ने दैनिक गतिविधियों पर मानो अपना राज कायम कर लिया है। ऐसे में एक महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि सरकारी खर्चे पर तैनात पुलिस प्रशासन की भारी भरकम फौज आखिर कर क्या रही है प्रशासन की हैसियत बढ़ाने में सरकारी स्तर पर कोई कमी नहीं की गयी, तमाम तरह की सुविधाएं और पुराने एवं जर्जर हो चुके थाना भवन को हटाकर करोड़ों के खर्च से आलीशान माॅडल थाने बनाये गये लेकिन इन पुलिसकर्मियों की हिम्मत, कर्मठता और इमानदारी को बढ़ाने का प्रयास नहीं किया गया तभी तो पूरे कोयलांचल में अपराधी बेलगाम हो गये हैं रही बात पुलिसकर्मियों की तो वे भी बेलगाम ही है तभी तो बिंदास होकर शराब के नशे में धरती नाप रहे है। बेशर्मी की हद यह है कि दिनदहाड़े शहर के हृदयस्थल रणधीर वर्मा चैक के समक्ष वर्दी की तौहीन कर रहे इस पुलिसकर्मी के बारे में आप क्या कहेंगे- यह एक सवाल है पूरे पुलिस महाकमे पर लेकिन जवाब के नाम पर आकाओं ने बस मौन साध रखा है।
