

2024 चुनाव के मद्देेनजर झारखण्ड में पैठ बनाने और झामुमो को डैमेज करने के लिए भाजपा ने देवघर में हुई दो दिवसीय बैठक में मुकम्मल तैयारी कर ली है। इस बार हेमंत सरकार को धूल चटाने के लिए हेमंत और उनके करीबियों पर लगे आरोपों को तो भाजपा भुनाएगी ही साथ ही जनता को यह भी बताएगी कि कैसे बड़ी तेजी से संथालपरगना की डेमोग्राफी बदल रही है। जनता को यह भी बताया जाएगा कि सरकार में शामिल तीनों पार्टियां परिवारवाद को कैसे भुना रही है और केन्द्र की सभी जनहित की योजनाओं का झारखंड में हाल क्या है।
लेकिन सबसे पुरजोर तैयारी हेमंत सोरेन के आदिवासी विरोधी रवैये को उजागर करने की है।
बताते चले कि झारखण्ड में भ्रष्टाचार वित्तीय कुप्रबंधन, परिवारवाद तुष्टिकरण और घुसपैठ के मुद्दे को एक मजबूत हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी भाजपा। देवघर में भाजपा कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में मुख्य रूप से इन्ही मुद्दों पर फोकस किया गया। खास कर संथालपरगना और कोल्हान में पार्टी गठबंधन को डैमेज करने और महागठबंधन का जनाधार खिसकाने की तैयारी पर बल दिया गया।
भाजपा की नजर अपनी हारी हुई दो सीटों पर है संथाल का राजमहल सीट और कोल्हान का सिंहभूम सीट। वैसे कोल्हान में पार्टी को मजबूत करने का मंत्र पहले ही गृहमंत्री अमित शाह देकर गये है।
संथाल को भुनाने के लिए भाजपा सीएम हेमंत सोरेन उनके भाई बसंत सोरेन, विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत सीएम के अन्य करीबियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जनता के बीच जाएगी। संथाल में एक बड़ा मुद्दा है बंगलादेशी घुसपैठ का। इस मुद्दे को भुनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंकने का मन बनाया है। भाजपा जनता को बताएगी कि पाकुड़ और साहिबगंज घुसपैठियों का केन्द्र बन चुका है। ये घुसपैठिए जनजातीय बच्चियों से जबरन शादी करके उनकी जमीन हड़प़ रहे हैं और उसके बाद उनकी हत्या तक कर दे रहे हैं। आदिवासी मुख्यमंत्री के कार्यकाल में आदिवासियो के साथ ऐसा खिलवाड़ शर्मनाक है साथ ही पीएफआई के लोगों ने ऐसा करके संथालपरगना में लगभग 10 हजार एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है। भाजपा जनता को यह भी बताएगी कि परिवारवाद का यह आलम है कि मुख्यमंत्री स्वयं अपनी कलम से खुद के नाम, पत्नी कल्पना सोरेन के नाम और भाई बंसत सोरेन के नाम रवान और खनिजों का आवंटन करते हैं यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है।
जनता को यह भी बताया जाएगा कि केन्द्र की जनहित से जुड़ी योजनाएं झारखण्ड में पूरी तरह फ्लाॅप क्यों है जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजनाओ का यहां काफी बुरा हाल है। हेमंत सरकार की आदिवासी विरोधी छवि को उजागर करने के लिए उनपर हुए अत्याचार का मामला उठाएगी भाजपा जिनमें मुख्य रूप से चाइबासा नरसंहार, रामेश्वर मुर्मू की हत्या, रूपा तिर्की की हत्या, संध्या टोपनो की हत्या, संजू प्रधान की माॅब लीचींग, देबू तूरी की पुलिस कस्टडी में हत्या शामिल है।
इस सबसे अलग केन्द्र सरकार द्वारा आदिवासी हित के लिए किए गये काम को गिनाकर माइलेज लेने का प्रयास भी किया जाएगा। इसके तहत भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस घोषित करनेए द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने, परमवीर अलबर्ट एक्का के नाम अंडमान के एक द्व्रीप को समर्पित करना आदि शामिल है। भाजपा की इस महा तैयारी का कितना असर होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन इतना तो तय है कि इस महाप्रयास से हेमंत सरकार की चूलें हिल जाएगी।


