


जिले में महिलाओं का सबसे बड़ा अस्पताल है आर.सी. हाजरा मेमोरियल क्लिनिक। इस क्लिनिक में 27 जनवरी की देर रात हुए आगलगी के हादसे ने पूरे जिले के जनमानस को झकझोर कर रख दिया है। पूरा चिकित्सक समाज हतप्रभ और मर्माहत है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 29 को होने वाली अपनी एक महत्वपूर्ण बैठक को भी स्थगित कर दिया है। इस लोमहर्षक घटना में चर्चित डाॅक्टर विकास हाजरा उनकी पत्नी, भांजा समेत कुल पांच लोगों ने अग्नि समाधि ले ली। इतनी हृदय विदारक घटना के बावजूद जिले के संवेदना-शून्य भाजपाईयों का दिल नहीं दहला। सत्ता-मद में चूर भाजपाईयों ने 29 जनवरी को इस घटना के मर्म से परे हटकर भागा स्थित नागमाता के मंदिर में पार्टी कार्यकर्ताओ की एक बड़ी बैठक का आयोजन किया जिसे प्रदेश स्तर के नेताओं ने संबोधित किया। इतना ही नहीं जिले के सांसद ने मुख्य रूप से इसमें शिरकत की और आगामी चुनाव संबंधी रणनीति भी बनाई। यहाँ यह बताते चलें कि इस घटना में मृत्यु को गले लगाने वाले हाजरा परिवार मूल रूप से भाजपा समर्थक रहा है। बावजूद इसके सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का नारा देने वाले भाजपाईयों ने पार्टी समर्थक परिवार की दर्दनाक मौत पर दो मिनट का मौन रखना भी मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में आम जनता इनसे क्या उम्मीद रखेगी।
