
झारखंड के हजारीबाग में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की पहचान हो चुकी है। इस घटना के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
घटना का पूरा ब्योरा: कब और कैसे हुई यह अमानवीय वारदात?
मामला हजारीबाग के बिष्णुगढ़ का है बच्ची रामनवमी के दौरान जुलूस देखने गई थी, इसी दौरान उसके साथ यह दर्दनाक घटना हुई. घटना की क्रूरता ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है.आरोप है कि संदिग्धों ने उसे बहला-फुसलाकर ले गया और उस के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। शव मिलने के बाद परिजनों ने हजारीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल छापेमारी शुरू की। सोमवार तक 12 संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू हो चुकी है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंजनी अंजन ने बताया, “मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी हिरासत में लोगों से गहन पूछताछ चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। पीड़िता को न्याय मिलकर रहेगा।”
हाईकोर्ट का सख्त एक्शन: शीर्ष अधिकारियों पर नकेल
इस घटना ने न केवल स्थानीय पुलिस बल्कि राज्य प्रशासन को हिलाकर रख दिया। झारखंड हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच—जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी—ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के मामले में बड़ा कदम उठाया। अदालत ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी घटनाओं पर पुलिस की लापरवाही क्यों? पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों ने इसे महिलाओं व बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का प्रतीक बताया है।
यह मामला न केवल हजारीबाग बल्कि पूरे झारखंड में न्याय की मांग को तेज कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
