मीका सिंह और दलेर मेहंदी

पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बीच एक कार्यक्रम में हुई बहस अब उनके भाई मीका सिंह के बयान के बाद और चर्चा में है। मीका ने मंत्री से दलेर मेहंदी को शराबी कहने वाली टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहा है। उन्होंने साफ कहा कि उनका परिवार कोई कानूनी लड़ाई शुरू करने या विवाद बढ़ाने के इरादे से सामने नहीं आया है। लेकिन किसी कलाकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली बात कही जाए, तो उस पर सवाल उठाना भी जरूरी है। इसी दौरान मीका ने कहा, “हम गुंडे या झगड़ा करने वाले लोग नहीं हैं, जो मुकदमे लेकर बैठ जाएं।”

मीका सिंह ने 23 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने बताया कि घटना के अगले दिन जब उन्होंने अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी को फोन किया, तो वह भावुक होकर रोने लगे। मीका के मुताबिक, उन्होंने अभी बात शुरू भी नहीं की थी कि दलेर की आंखों में आंसू आ गए। अपने भाई की यह हालत देखकर मीका को भी समझ नहीं आया कि इस पूरे मामले पर किस तरह प्रतिक्रिया दें।

विवाद उत्तराखंड के टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ था। 18 अक्टूबर को दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान राज्य सरकार में मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें बीच में टोक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मंत्री गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताते और उनसे शराब पीने को लेकर सवाल करते दिखाई देते हैं।

वीडियो सामने आने के बाद मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव किया। उनका कहना है कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और उस समय उनकी तबीयत भी ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वह कार्यक्रम में पहुंचे थे। मीका के मुताबिक, मंत्री की टिप्पणी से लोगों के मन में उनके भाई को लेकर गलत धारणा बन सकती है और यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान कर रही है।

दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे मीका सिंह

‘अगले दिन फोन किया तो रो पड़े दलेर पाजी’

मीका सिंह ने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में तब पता चला, जब वह सूरत में अपना कार्यक्रम पूरा कर चुके थे। उन्होंने उसी रात दलेर मेहंदी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। अगले दिन जब दोनों भाइयों की बातचीत हुई, तो दलेर भावुक हो गए।

मीका ने कहा कि दलेर मेहंदी स्वभाव से शांत हैं और किसी से ऊंची आवाज में बात करना पसंद नहीं करते। घटना के बाद मीका ने उनसे कहा कि अगर उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें कार्यक्रम के लिए हां नहीं करनी चाहिए थी। साथ ही, अगर उन्हें मंच पर इस तरह टोका गया था, तो उन्हें उसी समय अपनी बात रखनी चाहिए थी।

मीका के मुताबिक, दलेर ने जवाब दिया कि वह किसी पर चिल्लाकर बात नहीं कर सकते। मीका ने अपने भाई के इसी स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने चुप रहना बेहतर समझा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनके साथ जो हुआ, वह सही था।

मीका ने यह भी बताया कि दलेर मेहंदी पिछले करीब दो साल से अस्वस्थ चल रहे थे और अब भी पूरी तरह ठीक होने की प्रक्रिया में थे। उनकी हाल में सर्जरी भी हुई थी। मीका का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद दलेर कार्यक्रमों में जाते रहे और अपने बैंड के साथ प्रस्तुति देते रहे।

उन्होंने शराब पीने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वह अपने भाई को अच्छी तरह जानते हैं। मीका ने यह भी याद दिलाया कि आजकल कई कलाकार अपनी प्रस्तुति में पहले से रिकॉर्ड किए गए संगीत का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में केवल इस आधार पर किसी कलाकार के बारे में ऐसी टिप्पणी करना ठीक नहीं है।

सुबोध उनियाल से आखिर क्या चाहते हैं मीका?

सुबोध उनियाल

मीका सिंह की मांग है कि मंत्री सुबोध उनियाल दलेर मेहंदी को फोन करें, अपनी टिप्पणी स्पष्ट करें और उनसे माफी मांगें। मीका ने कहा कि किसी व्यक्ति को शराबी कहने का असर केवल उस समय तक सीमित नहीं रहता। लोग ऐसी बात सुनकर उसके बारे में राय बना सकते हैं, भले ही आरोप की पुष्टि न हुई हो।

मीका के शब्दों में, दुनिया भर में दलेर मेहंदी को सुनने वाले लोग हैं। अगर उनके बारे में यह बात फैलेगी कि वह शराब पीकर मंच पर आए थे, तो उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। इसी वजह से वह चाहते हैं कि मंत्री अपनी बात स्पष्ट करें, ताकि लोगों के मन में कोई गलतफहमी न रहे।

उन्होंने कहा कि परिवार की मंत्री से कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही वे इस मामले को लेकर मुकदमा करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन मीका के मुताबिक, जो हुआ वह गलत था और इस बात को स्वीकार किया जाना चाहिए।

मीका ने सुबोध उनियाल को उनके पद की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मंत्री जनता के सेवक होते हैं, जनता के मालिक नहीं। चुनाव के समय नेता लोगों के सामने हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं, इसलिए पद मिलने के बाद आम लोगों या कलाकारों के साथ आदेश देने वाले अंदाज में पेश नहीं आना चाहिए।

मीका ने यह भी आपत्ति जताई कि कार्यक्रम में दलेर मेहंदी से पहले प्रस्तुति देने वाले गायक मनिंदर बुट्टर को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, कलाकारों के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए, चाहे वे किसी भी कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे हों।

मंत्री ने अपनी नाराजगी की वजह बताई

दूसरी ओर, सुबोध उनियाल ने कहा कि वह दलेर मेहंदी की प्रस्तुति से संतुष्ट नहीं थे। उनका दावा था कि गायक ठीक से गाते हुए नहीं दिख रहे थे और उन्हें ऐसा लगा कि वह पहले से बज रहे संगीत के साथ केवल होंठ हिला रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि कलाकार को दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए बुलाया गया था और प्रस्तुति वैसी नहीं रही, जैसी उनसे उम्मीद थी।

उनियाल ने कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए जाने का दावा भी किया। हालांकि, यह रकम और प्रस्तुति को लेकर मंत्री की शिकायत उनके अपने बयान का हिस्सा हैं। शराब पीने के आरोप की पुष्टि करने वाली किसी स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच की जानकारी सामने नहीं आई है।

मीका की आपत्ति इसी बात पर है कि प्रस्तुति पसंद नहीं आने की शिकायत और किसी कलाकार पर शराब पीने का आरोप लगाने में फर्क है। उनका कहना है कि आयोजक कार्यक्रम के बाद अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते थे। मंच पर इस तरह की बातचीत से कलाकार की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी की बातचीत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

विवाद बढ़ने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीका सिंह से फोन पर बात की। मीका ने मुख्यमंत्री के व्यवहार की तारीफ करते हुए उन्हें विनम्र और सहज बताया। उन्होंने कहा कि धामी ने उनसे पूरे मामले पर बातचीत की और उनके पक्ष को सुना।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी से भी फोन पर बात की और उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, धामी ने उत्तराखंड की अतिथि सत्कार की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा स्वागत किया जाता है।

मीका ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह सुबोध उनियाल से दलेर मेहंदी के लिए एक वीडियो जारी करवाएं, जिसमें मंत्री अपनी टिप्पणी स्पष्ट करते हुए माफी मांगें। मीका का मानना है कि इससे विवाद को सम्मानजनक तरीके से खत्म किया जा सकता है।

हालांकि, मीका ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी खुद इस मामले को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उनके भाई ने उन्हें विवाद खत्म करने की सलाह दी है। इसके बावजूद मीका का कहना है कि मंत्री की ओर से माफी आना जरूरी है, क्योंकि सार्वजनिक रूप से कही गई बात का असर भी सार्वजनिक तौर पर ही सुधारा जाना चाहिए।

फिलहाल मुख्यमंत्री की पहल के बाद मामला शांत करने की कोशिश हुई है, लेकिन सुबोध उनियाल की ओर से दलेर मेहंदी को सीधे माफी दिए जाने की पुष्टि सामने नहीं आई है। मीका सिंह ने साफ किया है कि उनका परिवार किसी से लड़ाई नहीं चाहता। वह बस इतना चाहते हैं कि उनके भाई की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणी पर मंत्री अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें।

लेखक: वकार अहमद

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