
धनबाद: कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में 7 अगस्त को हुई भू-धंसान की घटना के बाद प्रभावित परिवारों का आंदोलन लगातार जारी है। STG आउटसोर्सिंग कंपनी के स्थल के सामने पिछले कई दिनों से प्रभावित परिवार आशियाना बचाने और सुरक्षित पुनर्वास की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। अब यह आंदोलन राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के कई बड़े नेता मंगलवार को आंदोलन स्थल पहुंचे और प्रभावित परिवारों से उनकी समस्याएं सुनीं।
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, बेरमो विधायक अनूप सिंह, पूर्व विधायक जलेश्वर महतो, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता शमशेर आलम समेत कई नेता छाताबाद पहुंचे।
धरने पर बैठे लोगों से बातचीत के दौरान मुआवजा, पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा को लेकर उनकी मांगें सुनी गईं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन के साथ बातचीत की जाएगी।
बीसीसीएल सीएमडी से फोन पर हुई बात
आंदोलन स्थल पर बेरमो विधायक अनूप सिंह ने धरने पर बैठे लोगों की बातचीत बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल से फोन पर कराई। इस दौरान प्रभावित परिवारों की ओर से मुआवजे और पुनर्वास का मुद्दा उठाया गया।
बताया गया कि बातचीत में गैर-रैयत परिवारों के लिए ढाई लाख रुपये और रैयतों के लिए जमीन के मूल्य की चार गुना राशि देने के साथ दो फ्लैट उपलब्ध कराने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि इन मांगों पर अंतिम सहमति बनी है या नहीं, इसे लेकर आगे की वार्ता महत्वपूर्ण होगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधिमंडल की बीसीसीएल सीएमडी के साथ कार्यालय में बैठक कराने की भी बात हुई है। इस बैठक में मुआवजा, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों की दूसरी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
भू-धंसान स्थल का भी लिया जायजा

धरना स्थल पर लोगों से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने उस जगह का भी निरीक्षण किया, जहां भू-धंसान की घटना हुई थी। नेताओं ने मौके की स्थिति देखी और प्रभावित क्षेत्र की जानकारी ली।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने एसडीएम को प्रभावित लोगों की जरूरतों पर ध्यान देने और जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया।
छाताबाद में भू-धंसान की घटनाओं को लेकर पहले भी सुरक्षा और पुनर्वास की चिंता सामने आती रही है। धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की समस्या अक्सर पुरानी भूमिगत खदानों, आग और जमीन के नीचे खाली हिस्सों से जुड़ी बताई जाती रही है। विशेषज्ञ जांच के बिना किसी एक कारण को अंतिम वजह मानना उचित नहीं होगा।
भाजपा सांसद और विधायक पर कांग्रेस का हमला
छाताबाद पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने इस मौके पर धनबाद सांसद ढुलू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो पर भी निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भू-धंसान के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भाजपा के स्थानीय सांसद और विधायक आगे नहीं आए।
कांग्रेस नेताओं ने कोयला चोरी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि ये आरोप कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक बयान हैं और इनके समर्थन में इस रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं दिया जा रहा है।
बयानबाजी के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ढुलू महतो की स्थानीय पहचान को लेकर भी टिप्पणी की और उनके झारखंडी होने के दावे पर सवाल उठाए।
इरफान अंसारी बोले- मांगें नहीं मानी गईं तो कोयला भवन के सामने बैठूंगा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि छाताबाद में कई घर भू-धंसान की चपेट में आए हैं और प्रभावित परिवार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा के सांसद और विधायक पर प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सामने नहीं आने का आरोप लगाया।
अंसारी ने कहा कि बीसीसीएल सीएमडी के साथ प्रभावितों की समस्याओं को लेकर बातचीत की जाएगी। अगर बातचीत से समाधान निकलता है तो ठीक है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वह खुद बीसीसीएल मुख्यालय स्थित कोयला भवन के गेट के सामने धरने पर बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनका हक और सुरक्षित पुनर्वास मिलना चाहिए।
अनूप सिंह ने भी साधा निशाना
बेरमो विधायक अनूप सिंह ने भी धनबाद सांसद ढुलू महतो पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को गरीब मजदूर का बेटा बताने वाले सांसद बड़े काफिले में चलते हैं, जबकि प्रभावित गरीब परिवारों की समस्या के समय उनकी मौजूदगी नहीं दिखी।
अनूप सिंह ने कोयला चोरी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बीसीसीएल सीएमडी से कोयला चोरी में मदद मांगने और कथित तौर पर इनकार किए जाने के बाद सीएमडी पर ही कोयला चोरी का आरोप लगाया गया।
उन्होंने ढुलू महतो के झारखंडी होने के दावे पर भी सवाल उठाए और बाघमारा में कथित “गुंडा राज” का आरोप लगाया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।
अनूप सिंह ने कहा कि छाताबाद के प्रभावित परिवारों को बीसीसीएल से बातचीत कर उचित मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास दिलाने की कोशिश की जाएगी।
अब बीसीसीएल से होने वाली वार्ता पर नजर
छाताबाद में प्रभावित परिवारों का आंदोलन अब केवल स्थानीय स्तर का विरोध नहीं रह गया है। कांग्रेस नेताओं के पहुंचने के बाद मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया है। एक तरफ प्रभावित परिवार मुआवजे और सुरक्षित पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं, वहीं कांग्रेस ने बीसीसीएल प्रबंधन से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
अब सबसे ज्यादा नजर उस बैठक पर है जिसमें प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों और बीसीसीएल प्रबंधन के बीच आमने-सामने बातचीत होनी है। वहां मुआवजे, रैयत और गैर-रैयत परिवारों की मांगों तथा सुरक्षित पुनर्वास को लेकर क्या फैसला होता है, इससे आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी।
फिलहाल प्रभावित परिवार धरने पर हैं और उनकी मांग है कि भू-धंसान के खतरे के बीच उन्हें सुरक्षित जगह और रहने का स्थायी इंतजाम मिले। आने वाले दिनों में प्रशासन और बीसीसीएल की कार्रवाई यह तय करेगी कि यह आंदोलन बातचीत से खत्म होता है या और लंबा खिंचता है।
