
सावन की पहली सोमवारी पर धनबाद पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आया। शहर के राजेंद्र सरोवर (बेकारबांध) में आयोजित धनबाद शिव महाआरती में हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (GITA) की ओर से लगातार पांचवें वर्ष आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में तेज बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। शाम होते ही पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति की अनूठी छटा ने राजेंद्र सरोवर को आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया।
बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं का उत्साह
धनबाद शिव महाआरती का आयोजन शाम करीब पांच बजे शुरू हुआ, जो रात साढ़े नौ बजे तक चला। कार्यक्रम के दौरान कई बार तेज बारिश हुई, लेकिन श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ डटे रहे। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे। बारिश के बीच भी श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान शिव की आराधना करते रहे और आरती में शामिल हुए।
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और आवाजाही को लेकर भी स्वयंसेवक लगातार सक्रिय नजर आए।
वाराणसी की तर्ज पर हुई दिव्य शिव महाआरती
इस बार की धनबाद शिव महाआरती की सबसे बड़ी खासियत वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर कराई गई दिव्य आरती रही। इसके लिए विशेष रूप से बनारस से आचार्यों को आमंत्रित किया गया था।
वैदिक मंत्रों के बीच जब आचार्यों ने बड़े-बड़े दीपों से भगवान शिव की आरती शुरू की तो पूरा राजेंद्र सरोवर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। घंटियों की मधुर ध्वनि, डमरू की गूंज और शंखनाद ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु इस दिव्य नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद करते नजर आए।
शिवमय हुआ पूरा परिसर
धनबाद शिव महाआरती के दौरान पूरे परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट और धार्मिक थीम से सजाया गया था। भगवान शिव से जुड़ी झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। पौराणिक कथाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी लोगों ने खूब सराहा।
हनुमान जी और वानर सेना की झांकी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। जैसे ही कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति दी, श्रद्धालुओं ने तालियों और जयकारों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। कई लोग भक्ति गीतों पर झूमते हुए नजर आए, जिससे पूरे आयोजन में अलग ही ऊर्जा देखने को मिली।
भक्ति गीतों से गूंजता रहा आयोजन स्थल
कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते भजन लगातार प्रस्तुत किए गए। प्रसिद्ध शिव भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे। कई श्रद्धालु हाथों में दीप लेकर आरती में शामिल हुए, जबकि कुछ लोग पूरे समय भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे।
बारिश के बावजूद किसी का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन की पहली सोमवारी पर भगवान शिव की आराधना का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क रहा आयोजन
धनबाद शिव महाआरती का आयोजन सभी श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क रखा गया था। इसी कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की थी ताकि किसी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पूरे आयोजन के दौरान स्वयंसेवक व्यवस्था संभालते रहे।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
भव्य धनबाद शिव महाआरती में जिले के कई प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार, मेयर संजीव सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह तथा GITA के अध्यक्ष अमितेश सहाय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आध्यात्मिक वातावरण के साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
सनातन परंपरा से जोड़ने का प्रयास
आयोजकों के अनुसार, धनबाद शिव महाआरती का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। पिछले पांच वर्षों से लगातार इस आयोजन का दायरा बढ़ रहा है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।
आयोजकों का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह भव्य स्तर पर शिव महाआरती का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक परंपरा से जुड़ सकें।
श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनी पहली सोमवारी
सावन की पहली सोमवारी पर आयोजित धनबाद शिव महाआरती श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव का अनूठा संगम बन गई। तेज बारिश के बावजूद हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था किसी भी परिस्थिति से बड़ी है।
राजेंद्र सरोवर में दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रों की गूंज, शिव भजनों की मधुर धुन और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। सावन की पहली सोमवारी पर आयोजित यह भव्य आयोजन लंबे समय तक श्रद्धालुओं की यादों में बना रहेगा।
