
धनबाद के गोन्दुडीह कांटा घर के समीप गुरुवार को बड़ी संख्या में असंगठित मजदूरों ने प्रदर्शन कर STG आउटसोर्सिंग कंपनी का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग उठाई। मजदूरों का आरोप है कि कुछ दबंग लोगों की वजह से कंपनी अब तक शुरू नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि इससे सैकड़ों मजदूरों और बेरोजगार युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि लंबे समय से कंपनी का संचालन शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी शुरू होने में लगातार बाधाएं खड़ी की जा रही हैं, जिससे इलाके के लोगों को रोजगार मिलने में देरी हो रही है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि STG आउटसोर्सिंग कंपनी का संचालन शुरू हो जाता है तो बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और असंगठित मजदूरों को काम मिलेगा। इससे न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकेगी। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से रोजगार नहीं मिलने की वजह से कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहराता जा रहा है।
मजदूरों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कंपनी के संचालन में जो भी बाधाएं आ रही हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाए ताकि काम शुरू हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस पहल नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
कंपनी संचालक ने भी लगाए गंभीर आरोप

इस मामले में STG आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक टुनटुन यादव ने भी कुछ लोगों पर कंपनी का संचालन बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ दबंग तत्व लगातार कंपनी शुरू होने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं और अलग-अलग तरीके से बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।
टुनटुन यादव के मुताबिक इस संबंध में गोन्दुडीह थाना में लिखित शिकायत भी दी गई है, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से कंपनी का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। साथ ही कंपनी के संचालन में आ रही परेशानियों से भी उन्हें अवगत कराया गया है।
प्रशासन से की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

कंपनी संचालक का कहना है कि यदि इसी तरह संचालन प्रभावित होता रहा तो सबसे ज्यादा नुकसान स्थानीय मजदूरों और बेरोजगार युवाओं को होगा, जिन्हें रोजगार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कंपनी के संचालन में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरी ओर, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
