बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री परियोजना से करीब दो हजार विस्थापितों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है।

कोयले की राजधानी के रूप में देशभर में अपनी अलग पहचान रखने वाला धनबाद अब औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री परियोजना के जरिए धनबाद को नई औद्योगिक पहचान मिलने की उम्मीद है। बेलगढ़िया में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के तहत बड़ी टेक्सटाइल फैक्ट्री स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इस परियोजना को लेकर बीसीसीएल, जेआरडीए, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स के बीच महत्वपूर्ण करार हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि सितंबर-अक्टूबर तक बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री की आधारशिला रखे जाने की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना से करीब दो हजार विस्थापितों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

धनबाद के बेलगढ़िया में वर्षों पहले अग्नि प्रभावित इलाकों से विस्थापित परिवारों को बसाया गया था। पुनर्वास के बाद सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की रही। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिल पाया। अब बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री की घोषणा के बाद इन परिवारों में नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर शुरू होती है तो इलाके के युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

हाल ही में नई दिल्ली में बीसीसीएल, झारखंड पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स के बीच हुए करार के बाद बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री परियोजना को गति मिली है। इस समझौते को धनबाद के औद्योगिक विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। लंबे समय से कोयला उद्योग पर निर्भर धनबाद में अब टेक्सटाइल सेक्टर की एंट्री निवेश और रोजगार दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सितंबर-अक्टूबर में रखी जा सकती है आधारशिला

कोयला नगरी धनबाद को मिलेगी नई पहचान

उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री की आधारशिला सितंबर या अक्टूबर में रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि परियोजना का काम जल्द शुरू हो ताकि स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सके।

जिला प्रशासन का कहना है कि परियोजना शुरू होने के बाद रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

दो हजार लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार

बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री परियोजना से करीब दो हजार विस्थापितों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से भी काम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। परिवहन, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा, खानपान, सिलाई, मेंटेनेंस और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि फैक्ट्री का संचालन शुरू होता है तो आसपास के बाजारों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

बीसीसीएल, जेआरडीए, हिंडाल्को और राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स के करार से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

जिला प्रशासन की योजना केवल उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इसके जरिए क्षेत्र के लोगों को उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि रोजगार के अधिक अवसर स्थानीय लोगों को मिल सकें।

यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है तो बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को फायदा मिलेगा, जो लंबे समय से रोजगार की तलाश में हैं। इससे पलायन की समस्या में भी कुछ हद तक कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

कोयला उद्योग के साथ टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

धनबाद की अर्थव्यवस्था अब तक मुख्य रूप से कोयला उद्योग पर आधारित रही है। ऐसे में बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री को औद्योगिक विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी जिले के विकास के लिए अलग-अलग उद्योगों का होना जरूरी है। इससे रोजगार के विकल्प बढ़ते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।

यदि टेक्सटाइल उद्योग सफल होता है तो भविष्य में इस क्षेत्र में अन्य निवेशकों की भी रुचि बढ़ सकती है। इससे धनबाद में नए उद्योगों की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

विस्थापित परिवारों में बढ़ी उम्मीद

बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री की खबर सामने आने के बाद विस्थापित परिवारों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद रोजगार से जुड़ी कोई बड़ी योजना इलाके में आ रही है। उनका मानना है कि इससे आने वाली पीढ़ियों को भी फायदा मिलेगा और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

कई लोगों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी होती है तो बेलगढ़िया क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। हालांकि लोगों की नजर अब इस बात पर भी है कि परियोजना का काम तय समय पर शुरू हो और रोजगार के दावे धरातल पर भी दिखाई दें।

धनबाद को मिल सकती है नई औद्योगिक पहचान

बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि धनबाद की बदलती औद्योगिक सोच का हिस्सा मानी जा रही है। लंबे समय से कोयला उद्योग के लिए पहचान रखने वाला धनबाद अब टेक्सटाइल सेक्टर में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं और सितंबर-अक्टूबर में आधारशिला रखी जाती है, तो आने वाले समय में बेलगढ़िया टेक्सटाइल फैक्ट्री धनबाद के औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन सकती है। इससे न सिर्फ विस्थापित परिवारों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है। फिलहाल जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां परियोजना को तय समय पर शुरू करने की दिशा में आवश्यक तैयारियां कर रही हैं।

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