
भारतीय सिनेमा से एक और दुखद खबर सामने आई है। हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं रहे। 74 वर्ष की उम्र में 4 अगस्त 2026 की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
सोशल मीडिया पर अभिनेता, निर्देशक और प्रशंसक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। फिल्म लगान में उनके साथ काम कर चुके अभिनेता यशपाल शर्मा ने भी सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी साझा की। इसके बाद कई कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए गहरा दुख जताया।
ब्लड कैंसर से चल रही थी जंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदीप रावत पिछले कुछ समय से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज जारी था, लेकिन हाल के दिनों में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
परिवार ने उनकी बीमारी को लेकर लंबे समय तक सार्वजनिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की थी। निधन की खबर सामने आने के बाद उनके चाहने वालों को इस बात का पता चला।
महाभारत से मिली पहली बड़ी पहचान
प्रदीप सिंह रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी। साल 1988 में बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक महाभारत में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था। यह भूमिका उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई और उन्हें घर-घर पहचान दिलाई।
इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
‘लगान’ से लेकर ‘गजनी’ तक छोड़ी मजबूत छाप
प्रदीप रावत उन कलाकारों में रहे, जिन्होंने हर किरदार को अपने अलग अंदाज में निभाया। लगान में उनकी भूमिका को दर्शकों ने खूब सराहा, जबकि आमिर खान स्टारर गजनी में निभाया गया उनका खलनायक आज भी याद किया जाता है।
गंभीर आवाज, सख्त हावभाव और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गए थे। यही वजह रही कि वे पर्दे पर आते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते थे।
कई भाषाओं की फिल्मों में दिखाया अभिनय का दम
हिंदी सिनेमा के अलावा प्रदीप रावत ने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया। दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और एक मजबूत विलेन के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई।
करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन साझा की और हर भाषा में अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया।
खलनायक बनकर भी जीता दर्शकों का दिल
हालांकि उन्हें सबसे ज्यादा पहचान नकारात्मक किरदारों से मिली, लेकिन उन्होंने हर भूमिका को एक जैसा कभी नहीं बनने दिया। उनके संवाद बोलने का अंदाज, चेहरे के भाव और किरदार में पूरी तरह ढल जाने की कला उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती थी।
यही कारण है कि दर्शक उन्हें सिर्फ एक विलेन नहीं, बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में याद करते हैं।
फिल्म जगत ने जताया शोक
प्रदीप रावत के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। उनके साथ काम कर चुके लोगों ने उन्हें अनुशासित, सरल स्वभाव का और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित कलाकार बताया।
उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे अभिनेता को खो दिया है, जिसने बिना किसी शोर-शराबे के अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
हमेशा याद किए जाएंगे प्रदीप रावत
महाभारत के अश्वत्थामा से लेकर लगान और गजनी जैसे यादगार किरदारों तक, प्रदीप रावत ने अपने अभिनय से हर दौर के दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। उनके निभाए गए किरदार आने वाले वर्षों तक सिनेमा प्रेमियों की यादों में जिंदा रहेंगे।
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उनका योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
लेखक: Waquar Ahmad
