
धनबाद: पुलिस की नौकरी में सिर्फ मैदान पर सक्रिय रहना ही काफी नहीं है। किसी केस की जांच में फोरेंसिक से लेकर फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफी, कंप्यूटर और कानूनी प्रावधानों की समझ भी उतनी ही जरूरी है। इसी तरह की व्यावहारिक दक्षता को परखने के लिए धनबाद पुलिस केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय कोयला क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 शुक्रवार को संपन्न हो गई। प्रतियोगिता में धनबाद और बोकारो जिले के पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया और अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी क्षमता दिखाई।
समापन के बाद धनबाद जिला ओवरऑल चैंपियन बना, जबकि बोकारो को उपविजेता का खिताब मिला। व्यक्तिगत वर्ग में भी धनबाद के पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। शैलेन्द्र पासवान ओवरऑल इंडिविजुअल चैंपियन बने और मंजीत कुमार ने दूसरा स्थान हासिल किया।
समापन समारोह धनबाद पुलिस केंद्र के सभागार में हुआ। मुख्य अतिथि के तौर पर बोकारो प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिन्हा मौजूद रहे। उनके अलावा धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, एडिशनल एसपी (चास) वेदांत शंकर सहित धनबाद और बोकारो के कई पुलिस अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
तीन दिन तक चली अलग-अलग परीक्षाएं
ड्यूटी मीट में पुलिस निरीक्षक से लेकर सिपाही स्तर तक के पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। यहां सिर्फ लिखित परीक्षा नहीं हुई। कई स्पर्धाओं में प्रतिभागियों को मौके पर अपनी तकनीकी और व्यावहारिक समझ भी दिखानी पड़ी।

प्रतियोगिता में फॉरेंसिक साइंस, मेडिको-लीगल, क्राइम इन्वेस्टिगेशन, लॉ, रूल्स एंड कोर्ट जजमेंट, फिंगरप्रिंट, लिफ्टिंग-पैकिंग-फॉरवर्डिंग, ऑब्जर्वेशन, पुलिस पोर्ट्रेट, कंप्यूटर अवेयरनेस, पुलिस फोटोग्राफी, डॉग स्क्वायड और एंटी-सबोटाज चेक जैसे विषय शामिल थे। अलग-अलग स्पर्धाओं में लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा ली गई।
फोरेंसिक साइंस की लिखित परीक्षा में शैलेन्द्र पासवान पहले स्थान पर रहे। कांति विलास अविनाश दूसरे और सचिन रौशन तीसरे स्थान पर रहे। मेडिको-लीगल की मौखिक परीक्षा में असित कुमार सिंह ने बाजी मारी। मंजीत कुमार दूसरे और मनोज कुमार पाण्डेय तीसरे स्थान पर रहे।
लिफ्टिंग, पैकिंग एवं फॉरवर्डिंग में सचिन रौशन प्रथम, जय प्रकाश द्वितीय और शैलेन्द्र पासवान तृतीय रहे।
क्राइम इन्वेस्टिगेशन में मंजीत कुमार अव्वल
क्राइम इन्वेस्टिगेशन, लॉ, रूल्स एंड कोर्ट जजमेंट की स्पर्धा में मंजीत कुमार ने पहला स्थान हासिल किया। मनोज पाण्डेय और मोहम्मद आजाद खान संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। जय प्रकाश और मनोहर करमाली को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला।

फिंगरप्रिंट के प्रैक्टिकल और ओरल टेस्ट में भी शैलेन्द्र पासवान ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। मंजीत कुमार दूसरे रहे, जबकि सचिन रौशन और असित कुमार सिंह संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
फोटोग्राफी में शैलेन्द्र पासवान पहले, असित कुमार सिंह दूसरे और मंजीत कुमार व कांति विलास अविनाश संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
ऑब्जर्वेशन और पुलिस पोर्ट्रेट में भी कड़ा मुकाबला
ऑब्जर्वेशन टेस्ट में नील कमल लकड़ा ने पहला स्थान हासिल किया। रंजन कुमार राम दूसरे रहे, जबकि नौशाद अली और अमर कुमार यादव संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
पुलिस पोर्ट्रेट प्रतियोगिता में भी नील कमल लकड़ा का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। नौशाद अली दूसरे और अमर कुमार यादव तीसरे स्थान पर रहे।
कंप्यूटर अवेयरनेस में मनोहर कुमार गोराई प्रथम, ओम प्रकाश कुमार राम द्वितीय और जितेश कुमार तृतीय रहे। पुलिस फोटोग्राफी में राजू गोप और डॉग स्क्वायड प्रतियोगिता में जॉनशन कुमार को सम्मानित किया गया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए बनी टीम
ड्यूटी मीट के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों में से राज्य स्तरीय पुलिस ड्यूटी मीट के लिए कोयला क्षेत्र की टीम भी चुनी गई। इसमें मंजीत कुमार, शैलेन्द्र पासवान, सचिन रौशन, नील कमल लकड़ा, रंजन कुमार राम, असित कुमार सिंह, कांति विलास अविनाश, सरोज कुमार, नौशाद अली, मोहम्मद आलम अंसारी, जितेश कुमार, मनोहर कुमार गोराई, ओम प्रकाश कुमार राम और राजू गोप शामिल हैं।
अब ये पुलिसकर्मी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बदलते अपराध के साथ तकनीकी समझ जरूरी: आईजी
समापन समारोह में आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि पुलिस ड्यूटी मीट का मकसद केवल प्रतियोगिता कराना नहीं है। अपराध का तरीका लगातार बदल रहा है और ऐसे में पुलिसकर्मियों को जांच की आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलना होगा।
उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी दक्षता को पुलिस जांच का अहम हिस्सा बताया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को उन्होंने बधाई दी और जिन प्रतिभागियों का प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक नहीं रहा, उन्हें इसे अपनी कमियों को पहचानने और अगली बार बेहतर तैयारी करने का मौका मानने की बात कही।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुने गए प्रतिभागियों को भी उन्होंने शुभकामनाएं दीं।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग देने वाली विशेषज्ञ टीम, निर्णायकों, आयोजन समिति और प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं में पुलिसकर्मियों को एक-दूसरे से सीखने और अपने काम से जुड़ी नई तकनीकों को समझने का अवसर मिलता है।
रांची से पहुंची थी विशेषज्ञ टीम
प्रतियोगिता के मूल्यांकन और संचालन के लिए रांची से सीआईडी, एटीएस और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की विशेषज्ञ टीम धनबाद पहुंची थी। समापन समारोह में टीम के सदस्यों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिले के सभी डीएसपी और एसडीपीओ, कई थाना प्रभारी, सार्जेंट मेजर अवधेश कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद रहे।
तीन दिनों की इस प्रतियोगिता में आखिरकार धनबाद ने जिला चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। अब निगाहें राज्य स्तरीय मुकाबले पर रहेंगी, जहां कोयला क्षेत्र से चुने गए ये पुलिसकर्मी अपनी तकनीकी और जांच संबंधी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे।
